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The Summoning

It’s been a while precious
Let’s just give it up my friend
Do you think they care
It’s difficult for us. It’s difficult to carry the body
This white, this white isn’t worthy of our greatness
Why do you have to do it
Why do you have to carry this one
The shiny dream, the flawless look, the brightness of the sun

It’s been a while
Let’s just pick the worn one today
The dark one, the imperfect one, the natural one
Doesn’t it tempt us precious
The grin look at it precious. It’s us.
Grace of the manner-less
The one, the only one
The arrogant one, the happy one
Let’s call him in precious





Comments

  1. What you are spoken communication is totally true. i do know that everyone should say a similar factor, however I simply assume that you simply place it in an exceedingly method that everybody will perceive. i am positive you may reach such a lot of folks with what you've to mention.

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  2. What you are spoken communication is totally true. i do know that everyone should say a similar factor, however I simply assume that you simply place it in an exceedingly method that everybody will perceive. i am positive you may reach such a lot of folks with what you've to mention.

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मेरी कहानी बिखर गयी

खोले डाइयरी के कुछ पुराने पन्ने अभी
और मेरी कहानी बिखर गयी

कुछ सपने गिरे कवर के छेद से
जैसे रिहा हुए हों क़ैद से

मिली लाश कुछ वादों की वहाँ
ना जाने कब किए थे खुदसे और कहाँ

कुछ पन्नो बाद वो बे-अदब ‘मैं’ भी निकला
ना डर था जिससे और ना कोई परवाह

बे-अदब ‘मैं’ मुझसे पूछता है
ये यहाँ एक अजीब सा शोर क्यूँ है
तेरी सोच में आगे निकालने की होड़ क्यूँ है
ये क्या तेरी आम सी ज़िंदगी है
ये कौन है तू
ये क्या बन गया है तू

समझ ए बे-अदब
नासमझ है इसीलिए तो हराम है तू
दुनिए के कितने कायदों से अंजान है तू
कुछ सलीखा सीख ले जीने का अब तो
नुस्खे ले कामयाबी के अब तो

किन कायदों की बात करता है तू
किन वादों की बात करता है तू
देख खुद को आईनो मे कभी
क्या था और क्या है अब तू

सुन ओ क़ायदे पढ़ने वाले
सुन ओ सलीखे सिखाने वाले
तू कोई मसखरा तो नहीँ
क्योंकि तू ‘मैं’ तो नहीं हो सकता

कहाँ गयी है मेरी वो बेपरवाही
कहाँ है मेरा वो…

'ठा से' चुप करवाया फिर उसे
कवर, पन्नो और ड्रॉयर में दबाया फिर उसे

बंद किए डाइयरी के कुछ पुराने पन्ने अभी
और मेरी कहानी दफ़्न हुई

Yaad Rahunga

याद रहूँगा मैं क्या तुमको
बादल जब मेरी स्याही बरसायेंगे

कितनी बारिशें, कितने मौसम
मेरे ख़त बन जाएंगे

दो पल हों जो पास तुम्हारे
मुट्ठी में तुम मेरी कहानी पकड़ लेना

कभी जो तुम हो थोड़ी अकेली
इसे इत्मीनान से पढ़ लेना

दूर सही मैं और न तुमको ज़रुरत
पर इन साँसों को भी हिचकी का सहारा दे देना

याद रहूँगा मैं क्या तुमको
बादल जब मेरी स्याही बरसायेंगे

कितनी बारिशें, कितने मौसम
मेरे ख़त बन जाएंगे