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Girl in Red and Guy in Black V






Girl in Red and Guy in Black go out on shopping. Lots of stuff to buy. Walking on a street near beach with lots of shops around selling different things. Girl in Red stops at a small shop.
GR: I want that bracelet.
GB: Okay, try it.
GR (to shop owner): How much for that one.
Shop Owner: 10 dollars please.
GB pays and she takes it and they start walking again on that street.
GR: How does it look?
GB: Looks great, but you took it without even trying. How did you know that it’ll fit and look good too?
GR: Sweetheart for girls, shopping is like love, one look, one smile, one color, one touch, one expression and you know that he’s/it’s the one made for her.

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मेरी कहानी बिखर गयी

खोले डाइयरी के कुछ पुराने पन्ने अभी
और मेरी कहानी बिखर गयी

कुछ सपने गिरे कवर के छेद से
जैसे रिहा हुए हों क़ैद से

मिली लाश कुछ वादों की वहाँ
ना जाने कब किए थे खुदसे और कहाँ

कुछ पन्नो बाद वो बे-अदब ‘मैं’ भी निकला
ना डर था जिससे और ना कोई परवाह

बे-अदब ‘मैं’ मुझसे पूछता है
ये यहाँ एक अजीब सा शोर क्यूँ है
तेरी सोच में आगे निकालने की होड़ क्यूँ है
ये क्या तेरी आम सी ज़िंदगी है
ये कौन है तू
ये क्या बन गया है तू

समझ ए बे-अदब
नासमझ है इसीलिए तो हराम है तू
दुनिए के कितने कायदों से अंजान है तू
कुछ सलीखा सीख ले जीने का अब तो
नुस्खे ले कामयाबी के अब तो

किन कायदों की बात करता है तू
किन वादों की बात करता है तू
देख खुद को आईनो मे कभी
क्या था और क्या है अब तू

सुन ओ क़ायदे पढ़ने वाले
सुन ओ सलीखे सिखाने वाले
तू कोई मसखरा तो नहीँ
क्योंकि तू ‘मैं’ तो नहीं हो सकता

कहाँ गयी है मेरी वो बेपरवाही
कहाँ है मेरा वो…

'ठा से' चुप करवाया फिर उसे
कवर, पन्नो और ड्रॉयर में दबाया फिर उसे

बंद किए डाइयरी के कुछ पुराने पन्ने अभी
और मेरी कहानी दफ़्न हुई

Zinda Hu Abhi

चल थोड़ी आज बेपरवाही कर लें
कुछ देर के लिए ज़रा आंखें बंद कर लें

चल देखें एक सुबह को शाम बनते हुए
कुछ आते-जाते लोग और कुछ पंछी उड़ते हुए

कुछ वक़्त मिले तो सुनूं साँसों को अपनी
हो जाए इनके आने जाने की भी तस्सली

कुछ देर ग़ुमान करूँ फिर ज़िंदा होने का
गिरवी हूँ तो क्या अभी मोहलत है थोड़ी  

कुछ देर ना डर, न ख्वाईश, न चाह  ना मक़सद और ना ज़रुरत हो तेरी
कुछ पल, कुछ गंटे तो बस यहाँ शख्सियत हो मेरी

Mom You’ll Always Be Around

‘Moving’-A small six letter word but evokes a dozen different emotions, and all at once. It brings the excitement of going to a new place, the fun of meeting new people, it also has the curiosity of learning new things and somewhere it has the pain of leaving things behind. Things that you have known for long enough and some people who just don’t seem to get out of the head. It’s difficult to say for all but for a majority, we never grow big enough, mature enough not to miss mom. In fact in a new country, she’s the one who can help beat the blues and get along with the people. From the universal mom’s diary, following 5 lessons may be handy in settling at a new place.
Listen from your heart
Expectations of the boyfriend, attitude of co-workers, weather, money, the lady residing down the road, the black dog, crops this year and god knows what, we all have something to say about everything. Most of us want to be listened or more importantly to be understood. It doesn’t matter where you a…