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From diary of Girl in Red I




 12. June.2007


He asks me every day ‘Do you love me’. What should I say? Should I say that I love you eternally? Or should I say that I love you unconditionally? He asks me every day ‘How much do you love me’. Should I say I that I am ready to leave every single thing I have known in my life for you? Or should I say that I have planned my days, my weeks, my months, and my years around you? I wish I could compare my love with the mountains and the snowfall, I wish I could reply with a poem or a line that’s new. I wish I could say that I am scared to lose you. I wish could say that I was born to be with you. But I choose to say ‘I do’ and smile, hoping that he can read just a part of it in my eyes.

Comments

  1. I really appreciate your professional approach. These are pieces of very useful information that will be of great use for me in future.

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मेरी कहानी बिखर गयी

खोले डाइयरी के कुछ पुराने पन्ने अभी
और मेरी कहानी बिखर गयी

कुछ सपने गिरे कवर के छेद से
जैसे रिहा हुए हों क़ैद से

मिली लाश कुछ वादों की वहाँ
ना जाने कब किए थे खुदसे और कहाँ

कुछ पन्नो बाद वो बे-अदब ‘मैं’ भी निकला
ना डर था जिससे और ना कोई परवाह

बे-अदब ‘मैं’ मुझसे पूछता है
ये यहाँ एक अजीब सा शोर क्यूँ है
तेरी सोच में आगे निकालने की होड़ क्यूँ है
ये क्या तेरी आम सी ज़िंदगी है
ये कौन है तू
ये क्या बन गया है तू

समझ ए बे-अदब
नासमझ है इसीलिए तो हराम है तू
दुनिए के कितने कायदों से अंजान है तू
कुछ सलीखा सीख ले जीने का अब तो
नुस्खे ले कामयाबी के अब तो

किन कायदों की बात करता है तू
किन वादों की बात करता है तू
देख खुद को आईनो मे कभी
क्या था और क्या है अब तू

सुन ओ क़ायदे पढ़ने वाले
सुन ओ सलीखे सिखाने वाले
तू कोई मसखरा तो नहीँ
क्योंकि तू ‘मैं’ तो नहीं हो सकता

कहाँ गयी है मेरी वो बेपरवाही
कहाँ है मेरा वो…

'ठा से' चुप करवाया फिर उसे
कवर, पन्नो और ड्रॉयर में दबाया फिर उसे

बंद किए डाइयरी के कुछ पुराने पन्ने अभी
और मेरी कहानी दफ़्न हुई

The Summoning

It’s been a while precious Let’s just give it up my friend Do you think they care It’s difficult for us. It’s difficult to carry the body This white, this white isn’t worthy of our greatness Why do you have to do it Why do you have to carry this one The shiny dream, the flawless look, the brightness of the sun
It’s been a while Let’s just pick the worn one today The dark one, the imperfect one, the natural one Doesn’t it tempt us precious The grin look at it precious. It’s us. Grace of the manner-less The one, the only one The arrogant one, the happy one Let’s call him in precious




Yaad Rahunga

याद रहूँगा मैं क्या तुमको
बादल जब मेरी स्याही बरसायेंगे

कितनी बारिशें, कितने मौसम
मेरे ख़त बन जाएंगे

दो पल हों जो पास तुम्हारे
मुट्ठी में तुम मेरी कहानी पकड़ लेना

कभी जो तुम हो थोड़ी अकेली
इसे इत्मीनान से पढ़ लेना

दूर सही मैं और न तुमको ज़रुरत
पर इन साँसों को भी हिचकी का सहारा दे देना

याद रहूँगा मैं क्या तुमको
बादल जब मेरी स्याही बरसायेंगे

कितनी बारिशें, कितने मौसम
मेरे ख़त बन जाएंगे